Monday, 5 October 2020

FUTURE THAT CAME EARLY

                                                        अभी कुछ ही दिन पहले की बात है जब बच्चों की स्कूल बुक में एक कहानी पढ़ी थी। यह कहानी दो बार मेरे  सामने आई एक बार कक्षा 5 की हिन्दी की किताब में और दूसरी बार कक्षा 9 की अंग्रेजी की किताब में। हिन्दी में इसका शीर्षक है 'वे भी क्या दिन थे ' और अंग्रेजी में 'The Fun They Had'.इस कहानी के लेखक  हैं "Isaac Asimov".


                       कहानी का कालखण्ड सन् 2155 है,यानि कि भविष्य। हिंदी में इस कहानी की शुरुआत होती है "कुम्मी "  द्वारा अपनी डायरी में यह लिखे जाने से ----"आज रोहित को सचमुच की एक पुस्तक मिली "।हिंदी और अंग्रेजी में इस कहानी के पात्रों के नाम भिन्न हैं। अंग्रेजी में कुम्मी Margie बन जाती है और रोहित Tommy बन जाता है। 

और फिर कहानी आगे बढ़ती है । बच्चे ये सोच कर आश्चर्य चकित हो जाते हैं कि पुराने जमाने में किताबें कागज पर लिखी जाती थीं और उनसे लगभग सौ साल पहले सचमुच के विद्यालय हुआ करते थे । फिर वे सोचते हैं कि कितना मजा आता होगा जब एक ही आयु के बहुत सारे बच्चे एक साथ बैठकर पढ़ाई करते होंगे और खेलते भी होंगे।न केवल यह बल्कि उन्हें पढ़ाने वाले भी असली के स्त्री  पुरुष होते होंगे। इसी तरह की और भी बातें जो भविष्य के बच्चों को हैरत में डाल देती हैं।

                  इस तरह कुछ सोचने पर मजबूर कर करती हुई यह  छोटी मगर सुन्दर सी कहानी खत्म हो जाती है । क्या सचमुच भविष्य में स्कूल ऐसे होंगे!?

                                                                                                     कोरोना के इस संक्रमण काल में जब हम अपने अपने घरों में महीनों कैद रहे और अब जब लाकडाउन खुला भी है तो भी अपनी सारी गतिविधियां घरों से ही संचालित कर रहे हैं ,ऐसा लगता है कि लेखक के द्वारा की गई भविष्य की यह परिकल्पना समय से पहले ही सिद्ध हो रही है ।गनीमत यह है कि अभी हम पूरी तरह से मशीनीकृत नहीं हुए हैं और बच्चों की लैपटाप और मोबाइल स्क्रीन्स के पीछे अभी भी उनके परिचित और प्रिय अध्यापक ही काम कर रहे हैं।

हाँ मगर इस कोरोना ने हमें भविष्य की शिक्षा व्यवस्था की एक झलक जरूर दिखा दी है।दरअसल ये कहानी एक विज्ञान कथा है जो पहली बार अमेरिकी अख़बार में 1951 में छपी थी और IsaacAsimov की बेहतरीन कहानियों में से एक है। वे सभी लोग जिनके बच्चे इन कक्षाओंं में पढ़ते हैं उन्होंने जरूर ये कहानियाँ पढ़ी होंगी और जो इस कहानी से परिचित नहीं हैं वे इसे यहाँ पढ़ सकते हैं। 

HERE IS THE LINK TO THE ORIGINAL STORY ON INTERNET ARCHIVE ON PAGE 125 

Hope

                               Hope                           Hope! that is what you look like,             two leaves in soil ,...